आपके मन में एक प्रश्न बार-बार आता होगा की हम योग क्यों करें? जबकि हमें तो मानसिक और शारीरिक रूप से भी कोई समस्या भी नहीं हैं। जब हमारे पास समय ही नहीं हैं और हम स्वस्थ भी है तो फिर हमें योग की क्या आवश्यकता है।योग  का सच्चा सार हमारी जीवन शक्ति को ऊपर उठाने के आसपास घूमता हैं या फिर रीढ़ की हड्डी के पास स्थित ‘कुंडलिनी’ को जागृत करने में। इसे शारीरिक और मानसिक अभ्यासों की श्रृंखला के माध्यम से प्राप्त करना होता हैं। शारीरिक स्तर पर इस पद्धति में विभिन्न योग मुद्राएं या ‘आसन’ शामिल हैं, जिनका प्रमुख उद्देश्य शरीर को स्वस्थ रखना हैं। मानसिक तकनीक में मन को अनुशासित करने के लिए श्वसन व्यायाम या ‘प्राणायाम’ और मैडिटेशन या ‘ध्यान’ शामिल हैं।

योगा की उत्पत्ति भारत में हुई थी। योगा का महत्व योगाचार्य महर्षि पतंजली ने योगदर्शन में सूत्रों के रूप में प्रस्तुत किया है। आज वही योग दुनियाभर में प्रसिद्धि पा रहा है। योग सभी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। योगा व्यायाम का प्रकार है जो, नियिमित अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिकअनुशासन सीखने में मदद करता है। योगा शरीर और मस्तिष्क के संबंधों में सन्तुलन बनाने में मदद करता है। योगा का हमारे जीवन में बहुत महत्‍व है

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आइये जानते है योग के लाभ –

नियमित रूप से योगासन करने वाले व्यक्ति के शरीर में किसी तरह की अशुद्धि नहीं रहती, इसलिए उसका मन सदा शांत और प्रसन्न रहता है।

मन में निराशा और थकान शरीर में रोग का कारण हैं।योगासन अंगो को सामान्य स्तिथि में रखते हैं और माश्पेशियो को शक्ति देते हैं।प्राणायाम और ध्यान तनाव को दूर करते हैं और प्रतिरक्षण क्षमता सुधारते हैं\

व्यायाम की अन्य पद्धतियों की अपेक्षा योगासन का प्रभाव मन और इंद्रियों पर अधिक पड़ता है। इस कारण मन और इंद्रियों को वश में रखने की व्यक्ति की आंतरिक शक्ति का विकास होता है।

योग में कुछ ऐसे आसन है जिसका अभ्यास करके आप पेट संबंधित रोग को दूर कर सकते हैं। जैसे कब्ज, अपचन, पेट का फुलना आदि.

कई कार्यो को  आप दिन भर करते हुए संपूर्ण रूप से थक जाते हैं।प्रत्येक दिन कुछ मिनट का योग आपको पूरे दिन ताजगी और ऊर्जा से भरा रखता हैं।

साधारण रूप मे मन की स्तिथि में सजगता हमे तनाव से मुक्त करती हैं।मन को शांति प्रदान कर लीजिए।कार्य छमताबढ़ाती हैं।योग तथा प्राणायाम हमे देता हूं।मन को वर्तमान समय में लाता हैं हम प्रसन्न और लक्ष्य की ओर केंद्रित होते हैं।

खाज-खुजली की शिकायत हो या गठिया रोग हो,  योगासन का सहारा लेकर आप इससे मुक्ति पा सकते है

कमर की चर्बी, पेट की चर्बी या गले की चर्बी को दूर करने के लिए करने के लिए आप योग कर सकतें है

योगासन के लाभ मोटापे को कम करने के लिए भी बहुत है (जो एक घातक बीमारी है) क्योंकि योग करने से चर्बी घटती है |

दिन भर में कुछ मिनट का योग दिन भर की चिंताओं से मुक्ति दिलाता हैं।न केवल शारीरिक अपितु मानसिक चिंताओं से भी।योगासन,प्राणायाम और ध्यान तनाव दूर करने का कारगर उपाय हैं

शांति हमारे अंदर हैं तो दिन में किसी समय इस छोटी छुट्टी को अनुभव कर सकते हैं।योग और ध्यान के साथ यह छोटी सी छुट्टी आपके चिंता से भरे मन को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका हैं।

 

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