२५१ सपनो के मतलब जाने | 251 Swapna Phal in Hindi // Swapn Jyotish

स्वप्न ज्योतिष के अनुसार नींद में दिखाई देने वाले हर सपने का अपना एक खास मतलब होता है ,एक ख़ास फल होता है। मानव मन का स्वप्नों के साथ गहरा संबंध है निद्रा की अवस्था में भी मस्तिष्क सक्रिय रहता है। अवचेतन मन की इच्छाएँ, दिन प्रतिदिन के तनाव एवं चिन्ताएं स्वप्न के रूप में दिखाई देती हैं। मनोवैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि कभी-कभी स्वप्न भविष्य में होने वाली घटनाओं का भी संकेत देते हैं। स्वप्नों से भविष्य संकेत की पुष्टि कई प्राचीन ग्रंथों द्वारा होती है।

सपनो के मतलब मानव मस्तिष्क अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने के प्रयत्नों में आदि काल से ही सक्रिय है। परंतु जब किसी कारण इसकी कुछ अधूरी इच्छाएं पूर्ण नहीं हो पाती जो कि मस्तिष्क के किसी कोने में जाग्रत अवस्था में रहती है तो वह स्वप्न का रूप ले लती हैं। आधुनिक विज्ञान में इस विषय में कहा है कि स्वप्न” मानव की दबी हुई इच्छाओं का प्रकाशन करते हैं जिनको हमने अपनी जाग्रत अवस्था में कभी-कभी विचारा होता है। अर्थात स्वप्न हमारी वो इच्छाएं हैं जो किसी भी प्रकार के भय से जाग्रत् अवस्था में पूर्ण नहीं हो पाती हैं व स्वप्नों में साकार होकर हमें मानसिक संतुष्टि व तृप्ति देती है सपने या स्वप्न आते क्यों है? इस प्रश्न का कोई ठोस प्रामाणिक उत्तर आज तक खोजा नहीं जा सका है।

विज्ञान मानता है कि नींद का हमारे मस्तिष्क में होने वाले उन परिवर्तनों से संबंध होता है, जो सीखने और याददाश्त बढ़ाने के साथ-साथ मांस पेशियों को भी आराम पहुंचाने में सहायक होते हैं। इस नींद की ही अवस्था में न्यूरॉन (मस्तिष्क की कोशिकाएं) पुनः सक्रिय हो जाती हैं।

Sapno ki duniyaवैज्ञानिकों ने नींद को दो भागों में बांटा है पहला भाग आर ई एम अर्थात् रैपिड आई मुवमेंट है। (जिसमें अधिकतर सपने आते हैं) इसमें शरीर शिथिल परंतु आंखें तेजी से घूमती रहती हैं और मस्तिष्क जाग्रत अवस्था से भी ज्यादा गतिशील होता है। इस आर ई एम की अवधि १० से २० मिनट की होती है तथा प्रत्येक व्यक्ति एक रात में चार से छह बार आर ई एम नींद लेता है। यह स्थिति नींद आने के लगभग १.३० घंटे अर्थात ९० मिनट बाद आती है। इस आधार पर गणना करें तो रात्रि का अंतिम प्रहर आर ई एम का ही समय होता है (यदि व्यक्ति समान्यतः १० बजे रात सोता है तो ) जिससे सपनों के आने की संभावना बढ़ जाती है।

सपने बनते कैसे हैं :- दिन भर विभिन्न स्रोतों से हमारे मस्तिष्क को स्फुरण (सिगनल) मिलते रहते हैं। प्राथमिकता के आधार पर हमारा मस्तिष्क हमसे पहले उधर ध्यान दिलवाता है जिसे करना अति जरूरी होता है, और जिन स्फुरण संदेशों की आवश्यकता तुरंत नहीं होती उन्हें वह अपने में दर्ज कर लेता है। इसके अलावा प्रतिदिन बहुत सी भावनाओं का भी हम पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। जो भावनाएं हम किसी कारण वश दबा लेते हैं गुस्सा आदि वह भी हमारे अवचेतन मस्तिष्क में दर्ज हो जाती हैं। रात को जब शरीर आराम कर रहा होता है मस्तिष्क अपना काम कर रहा होता है। इस दौरान हमें चेतनावस्था में कोई स्कुरण संकेत भावनाएं आदि नहीं मिल रही होती उस समय मस्तिष्क दिन भर मिले संकेतों को लेकर सक्रिय होता है जिनसे स्वप्न प्रदर्शित होते हैं।
यह वह स्वप्न होते हैं जो मस्तिष्क को दिनभर मिले स्फुरण, भावनाओं को दर्शाते हैं जिन्हें दिन में हमने किसी कारण वश रोक लिया था। जब तक यह प्रदर्शित नहीं हो पाता तब तक बार-बार नजर आता रहता है तथा इन पर नियंत्रण चाहकर भी नहीं किया जा सकता
भारतीय दर्शनशास्त्र के अनुसार भूत, वर्तमान और भविष्य का सूक्ष्म आकार हर समय वायुमंडल में विद्यमान रहता है। जब व्यक्ति निद्रावस्था में होता है तो सूक्ष्माकार होकर अपने भूत और भविष्य से संपर्क स्थापित करता है। यही संपर्क स्वप्न का कारण और स्वप्न का माध्यम बनता है।

व्यक्ति सक्रिय है, वह स्वप्न अवश्य देखता है। सभी प्राणियों में मनुष्य ही एक मात्र ऐसा प्राणी है जो स्वप्न देख सकता है। अर्थात् जो मनुष्य स्वप्न नहीं देखता, वह जीवित नहीं रह सकता। इसका अभिप्राय यह है कि जो जीवित और सक्रिय है, वह स्वप्न अवश्य देखता है। केवल जन्म से अंधे व्यक्ति स्वप्न नहीं देख सकते लेकिन वे भी स्वप्न में ध्वनियां तो सुनते ही हैं। अर्थात स्वप्न तो उनको भी आते हैं। स्वप्न सोते हुए ही नहीं, जागते हुए भी देखे जा सकते हैं। जागृत अवस्था के स्वप्न कवियों, दार्शनिकों, प्रेमी-प्रेमिकाओं, अविवाहित किशोर, युवक-युवतियों को अधिक आते हैं। ये स्वप्न कलात्मक होते हैं। भारतीय दर्शनशास्त्र के अनुसार भूत, वर्तमान और भविष्य का सूक्ष्म आकार हर समय वायुमंडल में विद्यमान रहता है। जब व्यक्ति निद्रावस्था में होता है तो सूक्ष्माकार होकर अपने भूत और भविष्य से संपर्क स्थापित करता है। यही संपर्क स्वप्न का कारण और स्वप्न का माध्यम बनता है। जिस व्यक्ति विशेष की साधना इतनी प्रबल होती है कि वह जागृतावस्था में या ध्यानावस्था में इन भूत-भविष्य के सूक्ष्म आकारों से संपर्क कर लेता है, वही योगी और भविष्यदृष्टा कहलाता है। अवचेतन मन की पहुंच हमारे शरीर तक ही सीमित नहीं, वरन् वह विश्व के किसी भी भाग में जब चाहे पहुंच सकता है। अतः भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों कालों का ज्ञान अवचेतन मन से ही संभव है।

नीचे कुल २५१ स्वप्नों के भावों फलों का संक्षिप्त वर्णन किया जा रहा है। स्वप्न फलों के संबंध में निम्न बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है। रात्रि में तीन बजे से सूर्योदय के पूर्व के स्वप्न सात दिन में, मध्य रात्रि के स्वप्न 1 माह में, मध्य रात्रि से पहले के स्वप्न 1 वर्ष में अपना फल प्रदान करते हैं। दिन के स्वप्न महत्वहीन होते हैं। एक रात में एक से अधिक स्वप्न आएं तो अंतिम ही फलदायक होगा

सपने——————————————————- फल

1- आंखों में काजल लगाना————————– शारीरिक कष्ट होना
2- स्वयं के कटे हाथ देखना————————–किसी निकट परिजन की मृत्यु
3- सूखा हुआ बगीचा देखना————————— कष्टों की प्राप्ति
4- मोटा बैल देखना- ——————————–अनाज सस्ता होगा
5- पतला बैल देखना –——————————- अनाज महंगा होगा
6- भेडिय़ा देखना————————————-दुश्मन से भय
7- राजनेता की मृत्यु देखना————————— देश में समस्या होना
8- पहाड़ हिलते हुए देखना—————————- किसी बीमारी का प्रकोप होना
9- पूरी खाना—————————————— प्रसन्नता का समाचार मिलना
10- तांबा देखना- ————————————-गुप्त रहस्य पता लगना
11- पलंग पर सोना———————————— गौरव की प्राप्ति
12- थूक देखना————————————— परेशानी में पडऩा
13- हरा-भरा जंगल देखना—————————– प्रसन्नता मिलेगी
14- स्वयं को उड़ते हुए देखना————————– किसी मुसीबत से छुटकारा
15- छोटा जूता पहनना——————————– किसी स्त्री से झगड़ा
16- स्त्री से मैथुन करना——————————- धन की प्राप्ति
17- किसी से लड़ाई करना——————————-प्रसन्नता प्राप्त होना
18- लड़ाई में मारे जाना——————————— राज प्राप्ति के योग
19- चंद्रमा को टूटते हुए देखना————————– कोई समस्या आना
20- चंद्रग्रहण देखना————————————- रोग होना
21- चींटी देखना————————————— किसी समस्या में पढऩा
22- चक्की देखना————————————- -शत्रुओं से हानि
23- दांत टूटते हुए देखना——————————– समस्याओं में वृद्धि
24- खुला दरवाजा देखना——————————– किसी व्यक्ति से मित्रता होगी
25- बंद दरवाजा देखना———————————- धन की हानि होना
26- खाई देखना—————————————– धन और प्रसिद्धि की प्राप्ति
27- धुआं देखना—————————————— व्यापार में हानि
28- भूकंप देखना—————————————- संतान को कष्ट
29- सुराही देखना—————————————- बुरी संगति से हानि
30- चश्मा लगाना————————————— ज्ञान बढऩा
31- दीपक जलाना—————————————- नए अवसरों की प्राप्ति
32- आसमान में बिजली देखना————————— कार्य-व्यवसाय में स्थिरता
33- मांस देखना—————————————— आकस्मिक धन लाभ
34- विदाई समारोह देखना——————————— धन-संपदा में वृद्धि
35- टूटा हुआ छप्पर देखना——————————– गड़े धन की प्राप्ति के योग
36- पूजा-पाठ करते देखना——————————– समस्याओं का अंत
37- शिशु को चलते देखना——————————— रुके हुए धन की प्राप्ति
38- फल की गुठली देखना———————————शीघ्र धन लाभ के योग
39- दस्ताने दिखाई देना———————————- अचानक धन लाभ
40- शेरों का जोड़ा देखना———————————- दांपत्य जीवन में अनुकूलता
41- मैना देखना——————————————– उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
42- सफेद कबूतर देखना———————————– शत्रु से मित्रता होना
43- बिल्लियों को लड़ते देखना—————————— मित्र से झगड़ा
44- सफेद बिल्ली देखना———————————– धन की हानि
45- मधुमक्खी देखना————————————– मित्रों से प्रेम बढऩा
46- खच्चर दिखाई देना————————————- धन संबंधी समस्या
47- रोता हुआ सियार देखना——————————— दुर्घटना की आशंका
48- समाधि देखना—————————————— सौभाग्य की प्राप्ति
49- गोबर दिखाई देना————————————— पशुओं के व्यापार में लाभ
50- चूड़ी दिखाई देना—————————————– सौभाग्य में वृद्धि
51- दियासलाई जलाना—————————————- धन की प्राप्ति
52- सीना या आंख खुजाना————————————- धन लाभ
53- सूखा जंगल देखना—————————————– परेशानी होना
54- मुर्दा देखना———————————————— बीमारी दूर होना
55- आभूषण देखना——————————————– कोई कार्य पूर्ण होना
56- जामुन खाना———————————————– कोई समस्या दूर होना
57- जुआ खेलना———————————————— व्यापार में लाभ
58- धन उधार देना———————————————- अत्यधिक धन की प्राप्ति
59- चंद्रमा देखना———————————————— सम्मान मिलना
60- चील देखना————————————————– शत्रुओं से हानि
61- स्वयं को दिवालिया घोषित करना—————————– व्यवसाय चौपट होना
62- चिडिय़ा को रोते देखता————————————— धन-संपत्ति नष्ट होना
63- चावल देखना———————————————— किसी से शत्रुता समाप्त होना
64- चांदी देखना————————————————–धन लाभ होना
65- दलदल देखना———————————————– चिंताएं बढऩा
66- कैंची देखना————————————————– घर में कलह होना
67- सुपारी देखना————————————————- रोग से मुक्ति
68- लाठी देखना————————————————– यश बढऩा
69- खाली बैलगाड़ी देखना—————————————– नुकसान होना
70- खेत में पके गेहूं देखना—————————————– धन लाभ होना
71- फल-फूल खाना———————————————— धन लाभ होना
72- सोना मिलना————————————————– धन हानि होना
73- शरीर का कोई अंग कटा हुआ देखना—————————- किसी परिजन की मृत्यु के योग
74- कौआ देखना————————————————– किसी की मृत्यु का समाचार मिलना
75- धुआं देखना————————————————— व्यापार में हानि
76- चश्मा लगाना———————————————— ज्ञान में बढ़ोत्तरी
77- भूकंप देखना————————————————- संतान को कष्ट
78- रोटी खाना————————————————— धन लाभ और राजयोग
79- पेड़ से गिरता हुआ देखना————————————- किसी रोग से मृत्यु होना
80- श्मशान में शराब पीना————————————— शीघ्र मृत्यु होना
81- रुई देखना————————————————— निरोग होने के योग
82- कुत्ता देखना———————————————— पुराने मित्र से मिलन
83- सफेद फूल देखना——————————————- किसी समस्या से छुटकारा
84- उल्लू देखना————————————————- धन हानि होना
85- सफेद सांप काटना——————————————- धन प्राप्ति
86- लाल फूल देखना———————————————- भाग्य चमकना
87- नदी का पानी पीना——————————————– सरकार से लाभ
88- धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना————————————– यश में वृद्धि व पदोन्नति
89- कोयला देखना———————————————— व्यर्थ विवाद में फंसना
90- जमीन पर बिस्तर लगाना————————————- दीर्घायु और सुख में वृद्धि
91- घर बनाना—————————————————– प्रसिद्धि मिलना
92- घोड़ा देखना————————————————— संकट दूर होना
93- घास का मैदान देखना—————————————– धन लाभ के योग
94- दीवार में कील ठोकना—————————————– किसी बुजुर्ग व्यक्ति से लाभ
95- दीवार देखना————————————————– सम्मान बढऩा
96- बाजार देखना————————————————– दरिद्रता दूर होना
97- मृत व्यक्ति को पुकारना————————————— विपत्ति एवं दु:ख मिलना
98- मृत व्यक्ति से बात करना————————————- मनचाही इच्छा पूरी होना
99- मोती देखना————————————————— पुत्री प्राप्ति
100- लोमड़ी देखना———————————————– किसी घनिष्ट व्यक्ति से धोखा मिलना
101- अनार देखना————————————————-धन प्राप्ति के योग
102- गड़ा धन दिखाना———————————————अचानक धन लाभ
103- सूखा अन्न खाना———————————————-परेशानी बढऩा
104- अर्थी देखना————————————————— बीमारी से छुटकारा
105- झरना देखना————————————————– दु:खों का अंत होना
106- बिजली गिरना———————————————— संकट में फंसना
107- चादर देखना————————————————– बदनामी के योग
108- जलता हुआ दीया देखना————————————— आयु में वृद्धि
109- धूप देखना—————————————————- पदोन्नति और धनलाभ
110- रत्न देखना—————————————————- व्यय एवं दु:ख
111- चेक लिखकर देना———————————————- विरासत में धन मिलना
112- कुएं में पानी देखना——————————————— धन लाभ
113- आकाश देखना ———————————————–– पुत्र प्राप्ति
114- अस्त्र-शस्त्र देखना——————————————— मुकद्में में हार
115- इंद्रधनुष देखना –——————————————— उत्तम स्वास्थ्य
116- कब्रिस्तान देखना———————————————- समाज में प्रतिष्ठा
117- कमल का फूल देखना——————————————- रोग से छुटकारा
118- सुंदर स्त्री देखना———————————————— प्रेम में सफलता
119- चूड़ी देखना—————————————————– सौभाग्य में वृद्धि
120- कुआं देखना—————————————————- सम्मान बढऩा
121- गुरु दिखाई देना ———————————————-– सफलता मिलना
122- गोबर देखना————————————————— पशुओं के व्यापार में लाभ
123- देवी के दर्शन करना——————————————– रोग से मुक्ति
124- चाबुक दिखाई देना——————————————— झगड़ा होना
125- चुनरी दिखाई देना——————————————— सौभाग्य की प्राप्ति
126- छुरी दिखना————————————————— संकट से मुक्ति
127- बालक दिखाई देना——————————————– संतान की वृद्धि
128- बाढ़ देखना—————————————————- व्यापार में हानि
129- जाल देखना————————————————— मुकद्में में हानि
130- जेब काटना—————————————————- व्यापार में घाटा
131- चंदन देखना————————————————– शुभ समाचार मिलना
132- जटाधारी साधु देखना—————————————– अच्छे समय की शुरुआत
133- स्वयं की मां को देखना—————————————– सम्मान की प्राप्ति
134- फूलमाला दिखाई देना—————————————— निंदा होना
135- जुगनू देखना————————————————— बुरे समय की शुरुआत
136- टिड्डी दल देखना———————————————- व्यापार में हानि
137- डाकघर देखना –———————————————– व्यापार में उन्नति
138- डॉक्टर को देखना———————————————- स्वास्थ्य संबंधी समस्या
139- ढोल दिखाई देना———————————————– किसी दुर्घटना की आशंका
140- सांप दिखाई देना———————————————– धन लाभ
141- तपस्वी दिखाई देना——————————————— दान करना
142- तर्पण करते हुए देखना—————————————— परिवार में किसी बुुजुर्ग की मृत्यु
143- डाकिया देखना ———————————————–– दूर के रिश्तेदार से मिलना
144- तमाचा मारना————————————————– शत्रु पर विजय
145- उत्सव मनाते हुए देखना—————————————- शोक होना
146- दवात दिखाई देना———————————————- धन आगमन
147- नक्शा देखना————————————————— किसी योजना में सफलता
148- नमक देखना————————————————— स्वास्थ्य में लाभ
149- कोर्ट-कचहरी देखना——————————————— विवाद में पडऩा
150- पगडंडी देखना————————————————— समस्याओं का निराकरण
151- त्रिशूल देखना—————————————————– शत्रुओं से मुक्ति
152- तारामंडल देखना————————————————- सौभाग्य की वृद्धि
153- ताश देखना—————————————————— समस्या में वृद्धि
154- तीर दिखाई देना————————————————– लक्ष्य की ओर बढऩा
155- सूखी घास देखना————————————————- जीवन में समस्या
156- भगवान शिव को देखना—————————————— विपत्तियों का नाश
157- किसी रिश्तेदार को देखना—————————————- उत्तम समय की शुरुआत
158- दंपत्ति को देखना———————————————— दांपत्य जीवन में अनुकूलता
159- शत्रु देखना——————————————————- उत्तम धनलाभ
160- दूध देखना——————————————————- आर्थिक उन्नति
161- मंदिर देखना—————————————————– धार्मिक कार्य में सहयोग करना
162- नदी देखना—————————————————— सौभाग्य वृद्धि
163- नाच-गाना देखना———————————————– अशुभ समाचार मिलने के योग
164- नीलगाय देखना————————————————- भौतिक सुखों की प्राप्ति
165- नेवला देखना—————————————————- शत्रुभय से मुक्ति
166- पगड़ी देखना—————————————————- मान-सम्मान में वृद्धि
167- पूजा होते हुए देखना———————————————-किसी योजना का लाभ मिलना
168- फकीर को देखना————————————————-अत्यधिक शुभ फल
169- गाय का बछड़ा देखना——————————————– कोई अच्छी घटना होना
170- वसंत ऋतु देखना————————————————-सौभाग्य में वृद्धि
171- बिल्वपत्र देखना————————————————– धन-धान्य में वृद्धि
172- स्वयं की बहन देखना———————————————परिजनों में प्रेम बढऩा
173- भाई को देखना—————————————————-नए मित्र बनना
174- भीख मांगना——————————————————धन हानि होना
175- शहद देखना——————————————————-जीवन में अनुकूलता
176- स्वयं की मृत्यु देखना———————————————-भयंकर रोग से मुक्ति
177- रुद्राक्ष देखना——————————————————शुभ समाचार मिलना
178- पैसा दिखाई देना————————————————–धन लाभ
179- स्वर्ग देखना——————————————————-भौतिक सुखों में वृद्धि
180- पत्नी को देखना————————————————-  दांपत्य में प्रेम बढऩा
181- स्वस्तिक दिखाई देना——————————————— धन लाभ होना
182- हथकड़ी दिखाई देना———————————————- भविष्य में भारी संकट
183- मां सरस्वती के दर्शन———————————————-बुद्धि में वृद्धि
184- कबूतर दिखाई देना———————————————— रोग से छुटकारा
185- कोयल देखना—————————————————– उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
186- अजगर दिखाई देना———————————————– व्यापार में हानि
187- कौआ दिखाई देना————————————————- बुरी सूचना मिलना
188- छिपकली दिखाई देना——————————————— घर में चोरी होना
189- चिडिय़ा दिखाई देना———————————————- नौकरी में पदोन्नति
190- तोता दिखाई देना———————————————— सौभाग्य में वृद्धि
191- भोजन की थाली देखना——————————————- धनहानि के योग
192- इलाइची देखना –————————————————-मान-सम्मान की प्राप्ति
193- खाली थाली देखना———————————————– धन प्राप्ति के योग
194- गुड़ खाते हुए देखना———————————————- अच्छा समय आने के संकेत
195- शेर दिखाई देना————————————————– शत्रुओं पर विजय
196- हाथी दिखाई देना————————————————- ऐेश्वर्य की प्राप्ति
197- कन्या को घर में आते देखना————————————– लक्ष्मी की कृपा मिलना
198- सफेद बिल्ली देखना———————————————–धन की हानि
199- दूध देती भैंस देखना————————————————उत्तम अन्न लाभ के योग
200- चोंच वाला पक्षी देखना——————————————– व्यवसाय में लाभ
201- अंगूठी पहनना—————————————————–सुंदर स्त्री प्राप्त करना
202- आकाश में उडऩा————————————————— लंबी यात्रा करना
203- आकाश से गिरना————————————————– संकट में फंसना
204- आम खाना———————————————————धन प्राप्त होना
205- अनार का रस पीना————————————————-प्रचुर धन प्राप्त होना
206-ऊँट को देखना——————————————————धन लाभ
207- ऊँट की सवारी—————————————————– रोगग्रस्त होना
208- सूर्य देखना——————————————————– खास व्यक्ति से मुलाकात
209- आकाश में बादल देखना——————————————- जल्दी तरक्की होना
210- घोड़े पर चढऩा—————————————————– व्यापार में उन्नति होना
211-घोड़े से गिरना——————————————————- व्यापार में हानि होना
212-आंधी-तूफान देखना———————————————— यात्रा में कष्ट होना
213-दर्पण में चेहरा देखना———————————————– किसी स्त्री से प्रेम बढऩा
214- ऊँचाई से गिरना—————————————————- परेशानी आना
215-बगीचा देखना——————————————————- खुश होना
216- बारिश होते देखना————————————————– घर में अनाज की कमी
217- सिर के कटे बाल देखना——————————————— कर्ज से छुटकारा
218- बर्फ देखना——————————————————— मौसमी बीमारी होना
219- बांसुरी बजाना—————————————————— परेशान होना
220- स्वयं को बीमार देखना——————————————— जीवन में कष्ट
221- बाल बिखरे हुए देखना———————————————- धन की हानि
222- सुअर देखना——————————————————- शत्रुता और स्वास्थ्य संबंधी समस्या
223- बिस्तर देखना—————————————————– धनलाभ और दीर्घायु होना
224- बुलबुल देखना—————————————————– विद्वान व्यक्ति से मुलाकात
225- भैंस देखना——————————————————– किसी मुसीबत में फंसना
226- बादाम खाना—————————————————— धन की प्राप्ति
227- अंडे खाना——————————————————— पुत्र प्राप्ति
228- स्वयं के सफेद बाल देखना—————————————– आयु बढ़ेगी
229- बिच्छू देखना—————————————————— प्रतिष्ठा प्राप्त होगी
230- पहाड़ पर चढऩा—————————————————- उन्नति मिलेगी
231- फूल देखना——————————————————— प्रेमी से मिलन
232- शरीर पर गंदगी लगाना——————————————– धन प्राप्ति के योग
233- पिंजरा देखना—————————————————— कैद होने के योग
234- पुल पर चलना——————————————————समाज हित में कार्य करना
235- प्यास लगना——————————————————- लोभ बढऩा
236- पान खाना———————————————————-सुंदर स्त्री की प्राप्ति
237- पानी में डूबना——————————————————-अच्छा कार्य करना
238- तलवार देखना—————————————————— शत्रु पर विजय
239- हरी सब्जी देखना—————————————————- प्रसन्न होना
240- तेल पीना———————————————————– किसी भयंकर रोग की आशंका
241- तिल खाना———————————————————– दोष लगना
242- तोप देखना———————————————————- शत्रु नष्ट होना
243- तीर चलाना———————————————————- इच्छा पूर्ण होना
244- तीतर देखना——————————————————— सम्मान में वृद्धि
245- स्वयं को हंसते हुए देखना——————————————— किसी से विवाद होना
246- स्वयं को रोते हुए देखना———————————————- प्रसन्नता प्राप्त होना
247- तरबूज खाते हुए देखना———————————————– किसी से दुश्मनी होगी
248- तालाब में नहाना—————————————————- शत्रु से हानि
249- जहाज देखना——————————————————- दूर की यात्रा होगी
250- झंडा देखना——————————————————— धर्म में आस्था बढ़ेगी
251- धनवान व्यक्ति देखना———————————————- धन प्राप्ति के योग

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