अस्थमा का घरेलु उपचार

इस रोग को दमा के नाम से भी जानते है जिसमें सांस फूलने और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या आती है। अस्थमा का रोग महिला, पुरुष और बच्चे किसी को भी हो सकता है। कुछ लोग दमा का इलाज करने के लिए दवा लेते है तो कुछ लोग होम्योपैथिक दवा से भी अस्थमा का ट्रीटमेंट करते है।  आज बहुत से लोग सांस की बीमारी से ग्रसित हैं और उनके पास कोई हल नहीं हैं दमा  आज के प्रदूषण भरे वातावरण की देन हैं। दमा वस्तुतः एलर्जी के कारण होता है। जब श्वसनी में हवा भर जाता है तब फेफड़ों में सूजन होने लगता है जिसके फलस्वरूप साँस लेने में मुश्किल होने लगती हैं।

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आइये जानते  है अस्थमा का घरेलु उपचार —

गरमागरम कॉफी पीने से भी दमा के रोगी को आराम मिलता है। क्योंकि यह श्वसनी के मार्ग को साफ करके साँस लेने की प्रक्रिया को आसान करता है।

एक मुट्ठी साबुत इसबगोल ले कर इसको रोजाना  नाश्ते से एक घंटा पहले गरमा गर्म गाय के दूध के साथ देना है. उन सज्जन के अनुसार ये प्रयोग पुराने से पुराने अस्थमा को सही करने में बेहद लाभकारी है.।

सरसों के तेल में कपूर डालकर शरीर की मालिश करने से अस्थमा के रोगी को आराम मिलता है ।

जब भी दूध पिए देसी गाय का ही पिए और इसमें अम्बा हल्दी एक चुटकी डाल कर पिए।

अडूसा का रस लगभग आधा ग्राम और आधा ग्राम शहद के साथ सुबह-शाम भोजन के बाद सेवन करने से दमा रोग शान्त होता है।

लगभग आधा मिलीलीटर अपामार्ग का रस शहद में मिलाकर 4 चम्मच पानी के साथ भोजन के बाद सेवन करने से गले व फेफड़ों में जमा कफ निकल जाता है और दमा ठीक होता है।

अर्जुन की छाल का चूर्ण एक छोटा चम्मच गाय के दूध में या पानी में इतना उबाले के पानी आधा रह जाए, और इस को हर रोज़ रात को सोते समय पिए। इसमें एक चुटकी भर दाल चीनी भी डाल दे।

सोंठ, हरड़ और नागरमोथा बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें और इसे छानकर दुगने गुड़ में मिलाकर गोलियां बना लें। यह 1-1 गोली चूसने से दमा के दौरे व खांसी में आराम मिलता है।

10 ग्राम लहसुन के रस को हल्के गर्म पानी के साथ प्रतिदिन सेवन करने से अस्थमा में सांस लेने में होने वाली परेशानी दूर होती है।

सुबह खाली पेट एक गिलास पानी में ३० मिली एलो वेरा, ३० मिली नोनी जूस, १० मिली सी बकथॉर्न जूस डाल कर इसको पिए। ये ३ महीने तक करना हैं, और ये प्रयोग अनेक लोगो पर सफलता पूर्वक आज़माया हैं।

लहसुन को आग में भूनकर चूर्ण बना लें और इसमें सोमलता, कूट, बहेड़ा, मुलेहठी व अर्जुन की छाल का चूर्ण बनाकर मिला लें। यह चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में शहद के साथ दिन में 3 बार चाटने से दमा और श्वास की बीमारी ठीक होती है।

चौलाई की सब्जी बनाकर अस्थमा के रोगी को खिलाने से अस्थमा में बहुत लाभ मिलता है। चौलाई के पत्तों का 5 ग्राम रस को शहद के साथ मिलाकर चटाने से श्वास की पीड़ा नष्ट होती है।

एक कटोरी में एक छोटा चम्मच अदरक का रस, अनार का रस और शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें। उसके बाद एक बड़ा चम्मच इस मिश्रण का सेवन दिन में चार से पाँच बार करने से दमा के लक्षणों से राहत मिलती है।

एक कटोरी में शहद लें और उसको सूंघने से दमा के रोगी को साँस लेने में आसानी होती है।

 

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