नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है। यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। नीम का पेड़ पर्यावरण के लिए भी बहुत फायदेमंद होता हैं नीम के पेड़ का हर हिस्सा जड़ें, छाल, गोंद, पत्ते, फल, टहनियाँ, बीज की गुठली और बीज का तेल सभी हमारे लिये बहुत उपयोगी है अगर आपके घर के  सामने नीम का पेड़ है तो आप वाकई बहुत भाग्यशाली हैं। गर्मी में ठंडी हवा देने के  साथ ही ये एक ऐसा पेड़ है जिसका हर हिस्सा किसी न किसी बीमारी के  इलाज में कारगर है। हिन्दूओ में नीम के पेड़ को बहुत पवित्र माना गया है इसे  देवताओं की श्रेणी में स्थान दिया गया है माना गया है की नीम के पेड़ पर देवताओं का वास होता है इसलिय हिन्दुओं में लोग इस पेड़ की पूजा करते है नीम का पेड़ बहुत शुभ माना गया है। नीम का पेड़ बहुत छाया और ठंडक प्रदान करने वाला है जहाँ पर यह स्थित होता है वहां का चारों तरफ का वातावरण बहुत ठंडक भरा होता है। नीम का पेड़ प्रदूषण को शोषित  करता है और चारों तरफ का माहौल स्वच्छ एवं खुशनुमा बनाता है। आयुर्वेद में नीम के पेड़ को औषधि का खजाना माना गया है।

neem tree

नीम के पेड़ के विभिन्न भागो से विभिन्न तरह के उपचार:- 

नीम के अर्क में मधुमेह यानी डायबिटिज, बैक्टिरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। नीम के तने, जड़, छाल और कच्चे फलों में शक्ति-वर्धक और मियादी रोगों से लड़ने का गुण भी पाया जाता है। इसकी छाल खासतौर पर मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगों में बहुत उपयोगी है।

नीम के पत्ते भारत से बाहर 34 देशों को निर्यात किए जाते हैं। इसके पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मुंहासे, छाले, खाज-खुजली, एक्जिमा वगैरह को दूर करने में मदद करते हैं। इसका अर्क मधुमेह, कैंसर, हृदयरोग, हर्पीस, एलर्जी, अल्सर, हिपेटाइटिस (पीलिया) वगैरह के इलाज में भी मदद करता है।

आपके शरीर के भीतर जरूरत से ज्यादा बैक्टीरिया नहीं होने चाहिए। अगर हानिकारक बैक्टीरिया की तादाद ज्यादा हो गई तो आप बुझे-बुझे से रहेंगे, क्योंकि आपकी बहुत-सी ऊर्जा उनसे निपटने में नष्ट हो जाएगी। नीम का तरह-तरह से इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया के साथ निपटने में आपके शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती। आप नहाने से पहले अपने बदन पर नीम का लेप लगा कर कुछ वक्त तक सूखने दें, फिर उसको पानी से धो डालें। सिर्फ इतने से ही आपका बदन अच्छी तरह से साफ हो सकता है। इससे आपके बदन पर के सारे बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे या फिर नीम के कुछ पत्तों को पानी में डाल कर रात भर छोड़ दें और फिर सुबह उस पानी से नहा लें।

नीम का का सेवन कैसे करें-

अगर आप भी नीम से होने वाले फायदों का भरपूर आनंद लेना चाहते हैं तो ऐसे में आप इसका सेवन एक दवा के तौर पर करना शुरू कर दें। अगर आप नीम के जूस को सीधे नहीं पी पा रहे हैं तो इसका सेवन करने से पहले गिलास में थोड़ा सा नमक मिला लें। इसमें आप काली मिर्च भी डाल सकते हैं। नीम का सेवन हमेशा सुबह के समय खाली पेट ही करें, ऐसा करने से हमें इससे ज्यादा फायदा मिलता है।

नीम की पत्तियों में जरा सा शहद मिला कर पीने से पीलिया में भी राहत मिलती है।

नीम के जूस का सेवन करने से चेहरे पर होने वाले पिंपल्स और मुंहासों से आसानी से छुटकारा मिल जाता है। इससे त्वचा के  दाग भी आसानी से साफ होने लगते हैं।

नीम का जूस पीने से शरीर की सारी गंदगी बाहर निकल जाती है। यह हमारे बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इसी के साथ यह पेट की पाचन क्रिया के क्रियाकलाप में भी काफी मददगार होता है।

नीम के रस की दो बूंदों को अगर आप आंखों में डालते हैं, तो इससे कन्जंगक्टवाइटिस से राहत मिलने के साथ ही आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

नीम का सेवन कर आप मधुमेह की बीमारी से भी छुटकारा पा सकते हैं। अगर आप इस बीमारी से ग्रस्त हैं तो आप नीम के रस का सेवन रोजाना सुबह जरूर करें।
चिकन पॉक्स के निशानों को मिटाने के लिए भी नीम का रस काफी फायदेमंद होता है। इसके रस से मसाज करने से आप आसानी से चिकन पॉक्स के निशानों से छुटकारा पा सकते हैं।

नीम रक्त को भी शुद्ध बनाता है, और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मददगार होता है। यह दांतों के दर्द, पायरिया से भी छुटकारा दिलाता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान अगर आप नीम के रस का सेवन करती हैं, तो ऐसे में आपको योनि के दर्द से छुटकारा मिल जाता है। लेबर पैन से छुटकारा पाने के लिए भी कई महिलाएं नीम के रस से मसाज करती हैं।

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