स्वेट मार्डेन एक महान लेखक है जो बहुत प्रेरणादायक किताबे लिखते थे। उन्हों ने एक से बढ़कर एक किताबे लिखीं है। उन्होंने लाखोँ-करोड़ों लोगों को अपने प्रेरणादायक विचारों से प्रभावित किया और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। यहा नीचे हम Swett Marden के कुछ प्रेरणादायक विचार लिख रहें है जो आपके जीवन में सकारात्मकता लायेगे….

Swett Marden

स्वेट मार्डेन के अनमोल विचार

1. स्वस्थ चिंतन मनुष्य में आत्मविश्वास की शक्ति भर देता है और वह सफलता की ओर निरंतर अग्रसर होता रहता है। इसके विपरीत चिंताग्रस्त व्यक्ति रोगोसे ग्रस्त, निराश और हताश होता है। उसका जीवन कष्टो से परिपूर्ण होकर नष्ट हो जाता है।

2. क्रोध, घृणा, अहम्, मोह, आसक्ति ऐसे भाव है जो मनुष्य की सोचने समझने की शक्ति समाप्त कर देते है और वह खुद अपना विनाश कर लेता है। इस विनाश से बचने के लिए मनुष्य को आत्ममंथन करना चाहिए।

3. ईश्वर प्रत्येक मनुष्य को जीवन में ऐसा एक सुअवसर जरुर देता है। जिसका लाभ उठाकर वह धन, वैभव और सम्मान के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकता है।

4. अपने को जानना और अंतर में बसे ईश्वर के रूप को पहचानना – यही सफल जीवन का मूलमंत्र है।

5. उठो, अपने जीवन की योजना बनाओ ताकि तुम्हारी सोई हुई महान प्रतिभा और शक्ति जो अब तक व्यर्थ पड़ी हुई है जाग उठे।

6. आप अपने सबसे बड़े गुरु व निर्देशक है। पहले आप अन्दर मजबूती लाइए। अपने विचारो को दृढ़ कीजिए।

7. इस दुनिया में किसी भी व्यक्ति का स्वभाव प्राकृतिक रूप से ऐसा नहीं है जिसे कम्पलीट कहा जा सके। उसे आवश्यकता होती है – देखभाल की, आत्मसंयम की।

8. जिस प्रकार अलमस्त हाथी पर काबू पाने के लिए महावत अंकुश का प्रयोग करता है। उसी प्रकार को अपनी दूषित भावनाओं पर काबू पाने के लिए आत्मसंयम रूपी अंकुश का इस्तेमाल करना चाहिए।

9. अवसर से लाभ उठाने में असाधारण रूप से वाही लोग सफल हुए है। जिन्होंने प्राप्त अवसरों में सुधार लाकर उन्हें अपने अनुकूल बनाने का प्रयत्न किया।

10. यदि कष्ट को हँसते हँसते सहन किया जाये तो वह भी सुखद हो जाता है। पर यह तभी हो सकता है तब कम को महान बना दिया जाये।

11. रदरफोर्ड ने कहा – “आलस्य का एकमात्र इलाज काम करना है – निरंतर काम करना। स्वार्थ भावना का इलाज त्याग ! अविश्वास का इलाज है – दृढ़ विश्वास। कायरता का इलाज है – जोखीम भरे काम का बीड़ा उठाना और तन – मन – धन से उसमे जुट जाना।

12. जार्ज बनार्ड शा के कथानुसार – “ मैं उस व्यक्ति को बेवकूफ मानता हूं, जो किसी हानी या नुकसान के बाद उस पर पश्चाताप कर अपना समय गंवाते है। इसलिए जो हो गया उसे भूल जाओ।”

13. कष्ट इतना कष्टकर नहीं होता, जितनी की उसकी चिन्ता कष्टकर होती है।

14. स्वभाव कच्ची मिटटी की भांति होता है, जिसकी कोई शक्ल कोई शक्ल नहीं होती। इसे आकृति देने की आवश्यकता होती है।

15. व्यक्ति के स्वभाव पर उसका भविष्य निर्भर करता है।

16. निराशा से बचने का एकमात्र उपाय है अन्त: करण में आशा की चेतना का जागना।

17. निराशा हमारी प्रसन्नता, सुख और शांति को ही नष्ट नहीं करती, वह हमारे उन संकल्पों को भी नष्ट कर डालती है जो हमने कुछ सत्कर्मो को करने के लिए किए थे।

18. जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास हो उसे सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता।

19. अशुभ विचार वाले मनुष्य रोगी एवं दुष्कर्म करने वाले भोगी बनते है, जबकि शुभ विचार करने वाले स्वस्थ, सत्कर्म करने वाले योगी बनते है।

20. जिनका मन उत्साहपूर्ण, स्पुर्तिदायक, आध्यात्मिक विचारों से परिपूर्ण रहता है, वे सदा युवा रहकर दीर्घायु को प्राप्त होते है।

21. व्यक्ति के विचार जैसे होंगे वैसे ही रूप मे वह भगवान के अस्तित्व को देखेंगा।

22. जीवन में कितने भी अंधकारमय क्षण को न आएं, सब थोड़ी देर ठहरकर चले जाते है और फिर नई आशा की किरने चमकने लगती है।

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