ड्डियाँ उम्र बढ़ने के साथ साथ कमज़ोर होने लगती हैं,हमारी हड्डियां कैल्शियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन के अलावा कई तरह के मिनरल से मिल कर बनी होती हैं। अनियमित जीवनशैली की वजह से ये मिनरल खत्म होने लगते हैं, जिससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और धीरे- धीरे वे घिसने और कमजोर होने लगती हैं। कई बार यह कमजोरी इतनी होती है कि मामूली चोट पर भी फ्रैक्चर हो जाता है। उम्र के अनुसार हड्डियों की जरूरत होती है. भारत मे आज कल हड्डियों से जुड़ी समस्या बहुत आम बात हो गई है।

हड्डी शरीर का सबसे महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है, ये जितना ही ज्‍यादा मजबूत रहेंगी आप उतने ही ज्‍यादा स्‍वस्‍थ्‍य और फिट रहेंगे। पर आजकल देखा गया है कि स्‍कूल जाने वाले और पढाई करने वाले बच्‍चे बिल्‍कुल भी दूध पीना पसंद नहीं करते, जिस वजह से उनकी हड्डियां भविष्‍य में जल्‍दी खराब हो सकती हैं।

haddiyon ki mjbooti

आइये जानते है की हड्डियों को मजबूत कैसे बनाया जाये –

अपने आहार में गहरे हरे रंग की पत्‍तेदार सब्‍जियां, ब्रॉक्‍ली, डेयरी प्रोडक्‍ट शामिल करें क्‍योंकि यह विटामिन डी का अच्‍छा विकल्‍प होती हैं और हड्डियों के लिये कमाल कर सकती हैं।

स्वस्थ शरीर और तेज़ दिमाग़ पाने के लिए हमें अपनी दिनचर्या में योग और एक्सरसाइज़ को जैसे रस्‍सी कूदना, दौड़ना, कूदना, टहलना, सीढ़ी चढ़ना आदि को शामिल करें  इस से हम न केवल रोगों से बचे रहते है बल्कि एक स्वस्थ शरीर को भी प्राप्त करते हैं।

एक चम्मच शहद नियमित तौर पर लेते रहें। यह आपको अस्थि भंगुरता  से बचाने का बेहद उपयोगी नुस्खा है।

दूध केल्सियम की आपूर्ति के लिये श्रेष्ठ है। इससे हड्डिया ताकतवर बनती हैं। गाय या बकरी का दूध भी लाभकारी है।

हड्डियों की मजबूती के लिए हमेशा तिल का तेल की मालिश करनी चाहिए, तिल तेल में दूध से ६ गुना अधिक कैल्शियम होता है और फांसफोर्सेस होता है जो कि हड्डियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण घटक होता है |हडि्डयों में दर्द होने पर तिल का तेल मे लहसुन की कलियां को जला कर मालिश करना चाहिए, यह वात रोग को दूर करने वाला होता है|

यदि आपको लगता है कि आपको भोजन दा्रा पूरा पोषण नहीं मिल रहा है तो आप सप्‍लीमेंट या जडी़ बूटी का सेवन कर सकते हैं। पर इसको लेने से पहले अपने डॉक्‍टर से जरुर सलाह ले लें।

टमाटर का जूस आधा लिटर प्रतिदिन पीने से दो तीन माह में हड्डियां बलवान बनती है और अस्थि भंगुरता में आशातीत लाभ होता है।

खेलने-कूदने के लिये आप कभी बूढे नहीं होंगे। फुटबॉल, बास्‍केटबॉल आदि खेलने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।यदि आप जवान हैं तो अभी से ही खेल-कूद में हिस्‍सा लेना शुरु कर दें।

एक मुट्ठी  मूंगफली से आप हड्डियों से सम्बन्धित सभी परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं|  मूंगफली आयरन, नियासीन,फोलेट,केल्सियम और जिंक का अच्छा स्रोत है|

२० ग्राम तिल थोडे से गुड के साथ मिक्सर में चलाकर तिलकुट्टा बनालें। रोजाना सुबह उपयोग करने से अस्थि मृदुता निवारण में मदद मिलती है।

रोज सुबह जल्‍दी उठें और सूरज की हल्‍की धूप में केवल 15 मिनट का समय व्‍यतीत करें। इससे आपके शरीर में विटामिन डी का लेवल बढेगा।

प्रतिदिन बाजरा और तिल का तेल उपयोग करें। यह  ओस्टियो पोरोसिस( अस्थि मृदुता) का उम्दा इलाज है।खोखली और कमजोर अस्थि-रोगी को यह उपचार अति उपादेय है।

 

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