कभी -कभी कुछ गले में कुछ फंस जाने की वजह से या अन्य कुछ कारणों की वजह से हिचकी आने लगती पर कभी -कभी यह लगातार आती रहती जिसकी वजह से हमे परेशानी होने लगती है जब शरीर में डायफ्राम सिकुड़ता है तो हमें हिचकी की समस्या होती है। डायफ्राम एक मांसपेशी होती है जो छाती को हमारे पेट से अलग करती है। ये सांस लेने की प्रक्रिया में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।वैसे तो हिचकी कभी भी आ सकती है पर लगातार आते रहने से अन्य समस्याएं पैदा होने लगती है।

hicki ko gharelu nuskhon dwara kaise roken

आइये जानते है। की कुछ घरेलु नुस्खों द्वारा हिचकी को आने से कैसे रोक सकतें है –

एक चम्मच शहद में कुछ मात्रा में नीम्बू के रस को मिलाकर थोड़ी सी मात्रा में काला नमक मिलाकर थोड़ी -थोड़ी देर पर पीने से हिचकी आना बंद हो जाता है ।

हिचकी आने पर चाकलेट के पाउडर का सेवन करने से कुछ ही देर में हिचकी आना बंद हो जाता है तथा अन्य समस्याएं भी उत्पन्न नहीं होती है ।

हिचकी आने पर तुरंत हल्के गर्म पानी थोड़ी सी मात्रा में नमक मिलाकर दो -दो घूँट करके पीने से हिचकी में आराम मिलता है ।

इलायची के पाउडर को एक चम्मच लेने से हिचकी में आराम मिलता है पर इसका सेवन करने के बाद कुछ देर आराम करें ।

हिचकी आने पर टमाटर के रस को मक्खन के साथ सेवन करने से हिचकी में आराम मिलता है क्यूंकि इससे स्वांस में बदलाव होता है तथा फेफड़े पर कम दबाव की वजह से हिचकी आना बंद हो जाता है ।

हिचकी आने पर एक चम्मच चीनी की थोड़े से पानी के साथ पीने से हिचकी में तुरंत आराम मिलता है और इससे किसी भी तरह की कोई हानि नहीं पहुचती है ।

तीन काली मिर्च थोडी सी चीनी या मिश्री का एक टुकडा मुंह में रखकर चबायें, और उसका रस चूंसते रहे, चाहे तो एक घूंट पानी पी सकते है, इससे तुरंद हिचकी बन्द हो जायेगी।

आप हिचकी आने पर नीम्बू को काटकर उस पर काला नमक लगाकर धीरे -धीरे चूसने से हिचकी में आराम मिलता है तथा हिचकी आना समाप्त हो जाती है ।

मूंगफली के पाउडर को मक्खन के साथ मिलाकर पानी की सहायता से खाने से हिचकी आना समाप्त हो जाता है ।

 

 

 

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