काली खांसी को कूकर खांसी भी कहा जाता है। यह एक भंयकर और संक्रामक बीमारी है, जो सिर्फ बच्चों को ही नहीं, बल्कि बड़ों को भी हो सकती है। यह खांसी हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैलती चली जाती है। काली खांसी होने का पहला लक्षण यह नज़र आता है शरीर में कि आपको हल्का सा बुखार होगा पहले और फिर खांसी तेजी से बढ़ती चली जाती है। यह काली खांसी रात और दिन में बहुत ही तेज होती है।

kaali khansi

आइये जानते है काली खांसी में हम कौन से घरेलु नुस्खे अपना सकते है –

तवे पर भुना हुआ सुहागा व वंशलोचन मिलाकर, शहद के साथ रोगी बच्चे को चटाने से काली खांसी ठीक होती है।

सबसे पहले अनार के छिलको को धोकर धूप में सुखा लें | सूखने के बाद इनका बारीक पाउडर बनाकर रोज सुबह शाम एक-एक चम्मच इसका सेवन करें | कुकुर खांसी को ठीक करने का यह बहुत आसान और प्रभावकारी घरेलू नुस्खा हैं |

लौंग के एक जोड़े को आग में भून लें और इसे शहद के साथ मिलाकर सुबह और शाम चाटें। इस उपाय से कूकर खांसी ठीक हो जाती है।

चने की दाल के बराबर फिटकरी लें। दोबारा ध्यान दें चने की दाल के बराबर फिटकरी। को गर्म पानी के साथ दिन में तीन बारी लेते रहने से काली खांसी ठीक हो जाती है।

सुहागा, कलमी शोरा, फिटकरी, सेंधा नमक और यवक्षार को कूट-पीसकर, आग पर तवा रखकर चूर्ण को भूनकर 2-2 ग्राम मात्रा में शहद मिलाकर बच्चे को चटाने से पुरानी से पुरानी काली खांसी जल्द ही ठीक हो जाती हैं |

अदरक का रस और शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार लेने से काली खांसी जल्द ही ठीक हो जाती है।

काली खाँसी होने पर बच्चों को बिस्तर पर सुलाने से पहले उनकी छाती और कमर पर कपूर को हल्के गर्म नारियल के तेल में मिलाकर मालिश करने से काली खांसी का असर कम हो जाता है।

रात को चार से पांच बादामों को पानी में भिगो लें और सुबह इन बादामों को छील लें और इसे लहसुन की एक कली और मिश्री के साथ पीसकर इसका सेवन कुछ दिनों तक लगातार करने से आपको कुकुर खांसी से छुटकारा मिल जाएगा।

सितोपलादि चूर्ण 3 ग्राम मात्रा में शहद मिलाकर, दिन में 2-3 बार चटाने से काली खांसी का ठीक होती है।

कुकुर खांसी के इलाज के लिए भुनी हुई फिटकरी 2 grain  में समान भाग चीनी मिलाकर दिन में 2 बार यह दवा बच्चों को खिलाने से सिर्फ 5 दिनों में कुकुर खांसी ठीक हो जाती है।

 

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