वैसे तो सपने हम सभी देखतें है । पर  कई बार कुछ ऐसा होता है की कुछ कारणों की वजह हम अपने  सपनो को पूरा नहीं कर पातें है और हार मान जातें है । अपने सपने तो हर  किसी के लिए बहुत महत्व रखतें है । सपने टूटने की वजह हम बहुत दुखी हो जातें है किन्तु कभी -कभी सपने टूटने का गम हमें इस कदर हो जाता है । की हम उससे हटकर कुछ सोंच ही नहीं पातें है । और अपने ही गम में डूबे हुए दोबारा कभी कोशिश ही नहीं कर पातें ।   कभी -कभी उन खुशियों को ही नहीं समेट पातें है जो हमारें लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है । और दूसरी खुशियों को पाने के लिए हम अपनों से ही बहुत दूर  चलें जातें है ।  जैसे हर प्रश्न का कोई -न कोई उत्तर  होता है ।  वैसे ही हर  मंजिल तक पहुचने के कई रास्तें होतें है । हमारें  महापुरुषों ने भी कहा है यदि हमने अपनी मंजिल को निश्चित कर  लिया है । और एक रास्तें से हम अपनी मंजिल तक नहीं पहुच रहें है । तो मंजिल को ध्यान में रखतें हुए हमें दूसरा रास्ता अपनाना  चाहियें । और इस बात को हमेशा  ध्यान रखें की मंजिल तक पहुचनें के जूनून में हम कही अपने रास्तें से तो नहीं भटक रहें है ।

जरूरी नहीं जो अपनों सपनों को नहीं पूरा कर  पायें है । उनके सामने दूसरा कोई विकल्प नहीं है हम उस सपनें से हटकर दूसरा विकल्प अपनाकर ऊंचाइयों को छु सकतें  है । सोंचियें  इस दुनियां में कितने लोग ऐसे होंगे जिनके कोई अपने सपने ही नहीं होंगे या जिनको उभरने का कोई मौका ही नहीं दिया गया होगा । और मुश्किलें तो हर किसी की लाइफ में आती  है मुश्किलों का  तो नाम ही जिन्दगी है । और रात के बाद ही सुबह का सूरज चमकता है ।

जब भी निराश हो । तो यह सोचिएं की सत्ता ,शिखर और शमशान तक मनुष्य अकेला ही जाता है । जब भी निराश हो तो यह कार्य करें —

मुश्किलों को सोंचकर घबराएं नहीं हर मुश्किल का डट कर सामना करें ।

कभी भी हिम्मत न हारें ।

मुश्किलों  को अभिशाप न समझकर उनको वरदान  समझे ।

किसी महान व्यक्ति की पुस्तक पढ़ें  क्यूंकि  एक अच्छी पुस्तक आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है  । 

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