बाजरा एक प्रमुख फसल है। एक प्रकार की बड़ी घास जिसकी बालियों में हरे रंग के छोटे छोटे दाने लगते हैं। इन दानों की गिनती मोटे अन्नों में होती है। प्रायाः सारे उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत में लोग इसे खाते हैं। बाजरा मोटे अन्नों में सबसे अधिक उगाया जाने वाला अनाज है। इसे अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप में प्रागेतिहासिक काल से उगाया जाता रहा है, यद्यपि इसका मूल अफ्रीका में माना गया है। भारत में इसे बाद में प्रस्तुत किया गया था। भारत में इसे इसा पूर्व २००० वर्ष से उगाये जाने के प्रमाण मिलते है। इसका मतलब है कि यह अफ्रीका में इससे पहले ही उगाया जाने लगा था। यह पश्चिमी अफ्रीका के सहल क्षेत्र से निकल कर फैला है। बाजरे की विशेषता है सूखा प्रभावित क्षेत्र में भी उग जाना, तथा ऊँचा तापक्रम झेल जाना। यह अम्लीयता को भी झेल जाता है। यही कारण है कि यह उन क्षेत्रों में उगाया जाता है जहां मक्का या गेहूँ नही उगाये जा सकते। आज विश्व भर में बाजरा २६०,००० वर्ग किलोमीटर में उगाया जाता है। मोटे अन्न उत्पादन का आधा भाग बाजरा होता है। बाजरे का प्रयोग भारत तथा अफ्रीका में रोटी, दलिया तथा बीयर बनाने में होता है। फसल के बचे भाग का प्रयोग चारा\चारे, ईंधन तथा निर्माण कार्य में भी होता है। विश्व के विकसित भागों में इसका प्रयोग भोजन में ना होकर चारे के रूप में होता है। मुर्गी जो इसे चारे के रूप में खाती है के अंडो में ओमेगा ३ फैटी अम्ल ज्यादा पाया जाता है। दूसरे जंतु भी इसे चारे के रूप में खाकर अधिक उत्पादन करते है। इसमें प्रोटीन तथा अमीनो अम्ल पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं, इसमे कैंसर कारक टाक्सिन नहीं बनते है, जो कि मक्का तथा ज्वार में बन जाते है।

Pearl Millet

बाजरा के औषधीय गुण…

1. एनर्जी के लिए: बाजरे की रोटी:- बाजरा खाने से एनर्जी मिलती है. ये ऊर्जा एक बहुत अच्छा स्त्रोत है. इसके अलावा अगर आप वजन घटाना चाह रहे हैं तो भी बाजरा खाना आपके लिए फायदेमंद होगा. दरअसल, बाजरा खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है. जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

2. स्वस्थ दिल के लिए – बाजरे की रोटी :- बाजरा कोलस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है. जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है. इसके अलावा ये मैग्नीशियम और पोटैशियम का भी अच्छा स्त्रोत है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार है.

3. पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायक है बाजरे की रोटी :- बाजरे में भरपूर मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायक हैं. बाजरा खाने से कब्ज की समस्या नहीं होती है.

4. डायबिटीज से बचाव करती है बाजरे की रोटी:- कई अध्ययनों में कहा गया है कि बाजरा कैंसर से बचाव में सहायक है. पर ये न केवल कैंसर से बचाव में सहायक है बल्कि इसके नियमित सेवन से डायबिटीज का खतरा भी कम हो जाता है. डायबिटीज के मरीजों को इसके नियमित सेवन की सलाह दी जाती है.

5. हड्डी के लिए बाजरे का सेवन:- बाजरे का किसी भी रूप में सेवन लाभकारी होता है बाजरा खाने से हड्डियों के रोग नहीं होते. बाजरे की रोटी खाने वाले लोगो को हड्डियों में कैल्शियम की कमी से पैदा होने वाले रोग आस्टियोपोरोसिस और खून की कमी यानी एनीमिया नहीं होता।
बाजरे में भरपूर कैल्शियम होता है जो कि हड्डियों के लिए रामबाण औषधि है, आयरन भी बाजरे में इतना अधिक होता है कि खून की कमी से होने वाले रोग नहीं हो सकते।

6. गर्भवती महिलाओं के लिए बाजरा:- को कैल्शियम और आयरन की जगह बाजरे की रोटी और खिचड़ी दी जाये तो इससे उनके बच्चों को जन्म से लेकर पांच साल की उम्र तक कैल्शियम और आयरन की कमी से होने वाले रोग नहीं होते । इतना ही नहीं बाजरे का सेवन करने वाली महिलाओं में प्रसव में असामान्य पीड़ा के मामले भी न के बराबर पाए गए।
गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम की गोलियां खाने की जगह रोज बाजरे की दो रोटी खानी चाहिए।

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