रतौंधी होने पर सूरज ढलते ही रोगी को दूर की चीजें धुंधली दिखाई देने लगती हैं। रात होने पर रोगी को पास की चीजें भी दिखाई देती हैं। इस रोग की चिकित्सा में अधिक विलम्ब किया जाए तो रोगी को पास की चीजें बिल्कुल दिखाई नहीं देतीं। रोगी तेज रोशनी में ही थोड़ा-बहुत देख पाता है। रोगी बिना चश्मे के कुछ नहीं देख पाता। चश्मे से भी रोगी को बहुत धुंधला दिखाई देता है। बल्ब के चारों ओर रोगी को किरणें फूटती दिखाई देती हैं।

RATAUNDHI KO GHARELU NUSKHON DWARA KAISE THIK KAren

आइये जानते है की रतौंधी को घरेलु नुस्खों द्वारा कैसे दूर कर सकतें है –

केले के पत्तों का रस निकालकर आँखों पर लगाने से रतौंधी में आराम मिलता है और रोगी को साफ़ दिखाई देता है ।

डोंडी को शुद्ध देसी घी में सब्जी की तरह पकाकर रोगी को सेवन कराने से रतौंधी में आराम मिलता है तथा विटामिन A की कमी पूरी होती है जिससे रोगी को सबकुछ साफ दिखाई देता है ।

रीठे के फल की गुठली को निकालकर स्त्री दूध में अच्छी तरह से घिसकर आँखों में लगाने से रतौंधी में आराम होता है जिससे रोगी को साफ़ – साफ़ दिखाई देता है और इसके नित्य प्रयोग से रतौंधी समाप्त हो जाती है ।

रतौंधी के रोगी को प्रतिदिन आवले का सेवन करना चाहिये क्यूंकि इसमे मौजूद बेहतरीन गुणों की वजह से रतौंधी में आराम मिलता है ।

तुलसी के पत्तों को पीसकर उसके रस को प्रतिदिन आँखों में तीन – चार बूंदे डालने से रतौंधी में आराम मिलता है तथा रोगी को साफ़ – साफ़ दिखाई देने लगता है  ।

रतौंधी को समाप्त करने के लिए नित्य गाजर का सेवन करना चाहिये तथा इसके जूस का सेवन करने से कुछ  ही दिनों में रोगी को रतौंधी से आराम मिलता है ।

प्याज के रस को प्रतिदिन आँखों में डालने से रतौंधी में आराम मिलता है तथा रोगी को साफ़ दिखाई देता है ।

नीम की कोमल पत्तियों का तथा चमेली के फूल के रस को निकालकर बराबर मात्रा में गाय के दूध में मिलाकर आँखों में लगाने से रतौंधी में आराम मिलता है ।

बेलपत्र के रस को पीने से तथा बेलपत्र के रस मिश्रित पानी से पुतलियों को धोते रहने से कुछ ही दिनों में असर होता है। बेल की सात कोंपलें और काली मिर्च के सात दाने पीसकर दो चम्मच पिसी हुई मिश्री में मिलाकर सुबह नाश्ते से पहले सेवन करने से रतौंधी में आराम मिलता है तथा रोगी को साफ़ दिखाई देने लगता है ।

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